Friday, March 20, 2026
भयभीत होकर काम कर रहें हैँ अधिवक्ता
नवादा की जिला सत्र न्यायाधीश का निधन
वरीय अधिवक्ता अंशुल राज पटना हाई कोर्ट के जज नियुक्त
पटना सिविल कोर्ट बम से उड़ाने की फिर मिली धमकी
न्यायमूर्ति श्री सुधीर सिंह का तबादला हुआ पटना हाई कोर्ट
भारत का ऑपरेशन सिन्दूर" ,पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानो पर एयर स्ट्राइक
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गये हड़ताल पर
चार न्यायिक पदाधिकारियों को दी गयी अनिवार्य सेवानिवृती
अधिवक्ता सुनील कुमार मिश्रा ने कर्मचारी से संघ खेली होली
नई दिल्ली। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा की प्रताड़ित महिला प्रताड़ना के कारण ससुराल छोड़ कर मायके या किसी अन्य जगह शरण ली हुई महिला वहीं पर आईपीसी की धारा 498ए(प्रताड़ना) का मुकदमा दर्ज करा सकती है।वहां की अदालत को उस मुकदमे को सुनने का क्षेत्राधिकार होगा।कोर्ट ने धारा498ए की व्याख्या करते हुए कहा है कि इसमें शारिरिक और मानसिक दोनों प्रताड़ना शामिल मानी जाएगी।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ,एल नागेश्वर राव और संजय किशन कौल की पीठ ने दो न्यायाधीश की पीठ के बिरोधाभाषी फैसले के कारण तीन न्यायाधीश की पीठ को भेजे गए कानूूूनी सवाल का जवाब देते हुए यह अहम व्यवस्था दी है।